नई दिल्ली/अमरावती: भारत में क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, अमरावती Quantum Valley में एक स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार किया गया है, जिसमें 80 प्रतिशत से अधिक हिस्से भारत में निर्मित होने का दावा किया गया है।

क्वांटम कंप्यूटर सामान्य कंप्यूटर से बेहद अलग तकनीक पर काम करते हैं। इन्हें संचालित करने वाले क्वांटम चिप को बेहद कम तापमान की आवश्यकता होती है। साझा रिपोर्ट में बताया गया है कि क्वांटम कंप्यूटर के चिप को काम करने के लिए लगभग माइनस 269 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान बनाए रखना पड़ता है। इसके लिए डिल्यूशन रेफ्रिजरेटर जैसी अत्याधुनिक क्रायोजेनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस तरह की मशीन की कीमत करीब 17 करोड़ रुपये तक हो सकती है और अमेरिका द्वारा ऐसी तकनीक की बिक्री पर प्रतिबंध या सीमित उपलब्धता के बीच भारत ने स्वदेशी समाधान विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

अमरावती में विकसित हो रही Quantum Valley को भारत में क्वांटम तकनीक के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। यदि स्वदेशी उपकरणों और तकनीक का यह विकास बड़े स्तर पर सफल होता है, तो इससे भारत की क्वांटम कंप्यूटिंग, रिसर्च और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूती मिल सकती है।

हालांकि, 80 प्रतिशत से अधिक भारतीय पार्ट्स, 17 करोड़ रुपये की कीमत और अमेरिका द्वारा प्रतिबंध जैसे दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन आंकड़ों को फिलहाल सोशल मीडिया पर सामने आए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

क्वांटम तकनीक को भविष्य की कंप्यूटिंग की अहम तकनीक माना जा रहा है, जिसका इस्तेमाल वैज्ञानिक अनुसंधान, दवा विकास, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जटिल गणनाओं जैसे क्षेत्रों में हो सकता है।


Desk Desk · 07-09-2026 03:50 PM · 📍 Ranchi
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