रामगढ़/गोला। गोला क्षेत्र की सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे डस्ट लदे हाईवा इन दिनों राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। हाईवा के गुजरते ही सड़क पर धूल का ऐसा गुबार उठता है कि कुछ देर तक आगे का रास्ता तक दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। इससे न केवल लोगों की आंखों में जलन और पानी आने की समस्या हो रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
इस समस्या का सामना पत्रकार दिलीप करमाली को भी करना पड़ा है। तेज रफ्तार हाईवा से उड़ती धूल सीधे बाइक चालकों की आंखों में पड़ रही है। खासकर बिना सुरक्षित चश्मे के सफर करने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। धूल के कारण आंखों में जलन, पानी आने और कुछ समय के लिए देखने में परेशानी जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है।
धूल के गुबार में ओझल हो जाती है सड़क
सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनती है, जब हाईवा के पीछे चल रहे दोपहिया वाहन चालकों को धूल के कारण सामने का रास्ता दिखाई नहीं देता। अचानक सामने आने वाले वाहन, गड्ढे और अन्य बाधाएं नजर नहीं आने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में एक वाहन की लापरवाही कई राहगीरों की जान पर भारी पड़ सकती है।
हाईवा की रफ्तार पर नियंत्रण की मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि डस्ट लदे हाईवा की गति पर नियंत्रण लगाया जाए। धूल उड़ने से रोकने के लिए परिवहन के दौरान उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए।
वहीं, बाइक चालकों से भी अपील की गई है कि सफर के दौरान मानक हेलमेट और सुरक्षित चश्मे का इस्तेमाल करें तथा धूल
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