लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड में पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक धरोहर के साथ मनाए जाने वाले आदिवासी जेठ जतरा का आयोजन इस वर्ष 6 मई को किया जाएगा। हर वर्ष की भांति इस बार भी आदिवासी जेठ जतरा समिति के तत्वावधान में इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पर्व को भव्य रूप देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जतरा के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई। बैठक में समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि जतरा में प्रखंड के विभिन्न गांवों से पारंपरिक वाद्य यंत्रों और खोड़ह गाजे-बाजे के साथ दल शामिल होंगे, जो आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे। साथ ही इन दलों का सम्मान भी किया जाएगा, ताकि पारंपरिक विरासत को प्रोत्साहन मिल सके। आयोजन स्थल की व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक तैयारियों को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जेठ जतरा सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और एकता का प्रतीक है। इसे भव्य और अनुशासित तरीके से आयोजित करना सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मुखिया जतरु उरांव, मीना कुमारी, कमिल टोपनो, पूर्व मुखिया सुखमणि लकड़ा, अंजू देवी, दुर्गा उरांव, धनेश्वर लोहरा, अनूपा उरांव, सुनीता तिग्गा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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